सिंगुलैरिटी: ब्रह्मांड की रहस्यमय शुरुआत

जब हम पूछते हैं “अंतरिक्ष कैसे बना? समय कब शुरू हुआ?” — तो हर सवाल जाकर एक ही स्थान पर टकराता है: सिंगुलैरिटी
यह वह बिंदु है जिसे विज्ञान आज भी पूरी तरह समझ नहीं पाया, लेकिन ब्रह्मांड की उत्पत्ति को जानने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है।

1. सिंगुलैरिटी क्या है?

सिंगुलैरिटी एक ऐसी स्थिति है जहाँ:

  • अनंत घनत्व (infinite density)
  • अनंत तापमान (infinite temperature)
  • शून्य आयतन (zero volume)
  • बिना समय, बिना अंतरिक्ष

सबकुछ एक ही बिंदु में समाया था।

विज्ञान के सभी नियम — गुरुत्वाकर्षण, समय, दूरी, भौतिकी — वहाँ काम करना बंद कर देते हैं।
इसीलिए इसे Physics का No-Rule Zone कहा जाता है।


2. Big Bang और Singularity का संबंध

बिग बैंग को अक्सर “विस्फोट” कहा जाता है, लेकिन यह विस्फोट नहीं था, बल्कि:

सिंगुलैरिटी का तेज़ी से फैलना (expansion) था।

जब यह बिंदु फैलना शुरू हुआ —
अंतरिक्ष (space) और समय (time) पहली बार पैदा हुए।
यहीं से ब्रह्मांड का विकास शुरू हुआ।

मतलब:
➡ बिग बैंग = सिंगुलैरिटी का विस्तार
➡ ब्रह्मांड = उसी विस्तार का परिणाम


3. सिंगुलैरिटी कैसे बनी होगी? बड़े वैज्ञानिक सिद्धांत

(A) कोई “पहले” नहीं था — समय ही तब शुरू हुआ

Einstein की जनरल रिलेटिविटी के अनुसार:

  • बिग बैंग से पहले समय (time) ही मौजूद नहीं था
  • जब समय ही नहीं था, तो “कब बनी?” पूछना तर्कहीन है

इसे ऐसे समझें:
जैसे घड़ी तभी चलती है जब समय मौजूद हो।
बिग बैंग से पहले “घड़ी” थी ही नहीं।


(B) Cyclic Universe Theory — पिछले ब्रह्मांड का अवशेष

कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि:

  • ब्रह्मांड लगातार बनता और नष्ट होता है
  • जब एक ब्रह्मांड समाप्त होता है, उसका पदार्थ और ऊर्जा सिकुड़कर
    एक बिंदु = सिंगुलैरिटी बना देती है
  • उसी से अगला ब्रह्मांड शुरू होता है

यानी
➡ सिंगुलैरिटी = पिछले ब्रह्मांड का अंतिम चरण।


(C) Quantum Fluctuation — “कुछ नहीं” से जन्म

क्वांटम भौतिकी कहती है कि “खाली जगह” भी खाली नहीं होती।
वह ऊर्जा से भरी होती है जिसमें छोटे बुलबुले बनते रहते हैं।

एक विचार है:

  • ऐसी ही एक छोटी ऊर्जा की लहर
  • अचानक स्थिर हुई
  • और तेज़ी से फैलने लगी
  • वही सिंगुलैरिटी बनी

यानी “कुछ नहीं” से “कुछ” उत्पन्न हो गया — एक क्वांटम घटना।


(D) Multiverse Theory — दूसरे ब्रह्मांड से उपजा बुलबुला

इस सिद्धांत के अनुसार:

  • हमारे ब्रह्मांड के बाहर अनगिनत ब्रह्मांड हैं
  • उनमें किसी घटना (collision) से एक नया “बबल यूनिवर्स” बना
  • वही सिंगुलैरिटी थी जिसने हमारे Universe को जन्म दिया

ध्यान रहे: यह अभी एक गणितीय संभावना है, प्रमाण नहीं।


4. क्या सिंगुलैरिटी वास्तव में मौजूद थी?

यह सवाल वैज्ञानिकों में आज भी बहस का विषय है।

कुछ आधुनिक शोध बताते हैं कि:

  • “अनंत घनत्व” एक गणितीय कल्पना है
  • असल में बिग बैंग किसी बिंदु से नहीं,
    बल्कि एक अति घने प्लाज़्मा क्षेत्र से शुरू हुआ होगा

लेकिन जब तक पूरी क्वांटम ग्रैविटी की थ्योरी नहीं मिलती
— हम सिंगुलैरिटी की असलियत को नहीं जान पाएंगे।

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