🟦 1. भारत (0 से पहले) – “दस” को शब्दों से लिखा जाता था
शून्य के चिन्ह “0” के आने से पहले भारत में संख्याएँ शब्दों में लिखी जाती थीं:
दश = 10
या संस्कृत में दशन्
लोग बोलते और लिखते थे:
दश, बीस, तीस…
इसमें 0 की कोई जरूरत नहीं होती थी।
🟦 2. ब्राह्मी और प्राचीन भारतीय अंक
भारत में 10 का प्राचीन चिन्ह था:
“𑁛” या “” (दस के लिए पुरानी ब्राह्मी अंक)
(समय और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रूप)
इनमें भी “0” इस्तेमाल नहीं होता था।
🟦 3. रोमन सभ्यता (Roman Numerals)
रोमन लोग शून्य नहीं जानते थे, फिर भी 10 ऐसे लिखते थे:
X = 10
यह आज भी घड़ियों में दिखता है।
🟦 4. ग्रीक संख्याएँ
यूनान (Greece) में 10 को लिखा जाता था:
Ι (iota)
या कभी Δ = 10
🟦 5. मिस्र (Egyptian) सभ्यता
मिस्र में 10 को ऐसे चित्र से लिखा जाता था:
𓎆 (एक उल्टा U जैसा symbol)
यह भी बिना 0 के था।
🟦 6. टैली मार्क (|||||)
दुनिया की सबसे पुरानी गिनती:
||||||||||
= 10 रेखाएँ
यह भी पूरी तरह 0 से स्वतंत्र था।
🟦 मुख्य बात: “10” को लिखने के लिए 0 की ज़रूरत नहीं थी
0 सिर्फ place value (स्थान-मूल्य) के लिए जरूरी है।
लेकिन “10”, “20”, “30”… जैसे नंबर प्राचीन लोग सीधे अपने अलग प्रतीकों से लिखते थे।
“10” को “1” और “0” में बाँटने वाली प्रणाली बाद में आई —
यही दशमलव place-value system है जिसकी वजह से आज 10 = 1 और 0 से बनता है।
⭐ सारांश (एक लाइन में)
0 आने से पहले “10” को भारतीय लोग “दश/दशन्”, रोमन “X”, ग्रीक “Ι”, मिस्री अपने चिन्ह से लिखते थे—सब बिना शून्य के।
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