Philosophy

जाँ-पॉल सार्त्र: हम खुद अपनी ज़िंदगी लिखते हैं — अस्तित्ववाद का सबसे साफ सच

जाँ-पॉल सार्त्र (Jean-Paul Sartre) 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली दार्शनिकों में से एक हैं।उन्होंने हमें एक बेहद ताकतवर विचार दिया […]

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जॉर्ज विल्हेल्म फ्रेडरिक हेगेल: विचार, विरोध और विकास का दर्शन

हेगेल (Hegel) पश्चिमी दर्शन के सबसे गहरे, जटिल और प्रभावशाली विचारकों में से एक हैं।लेकिन दिलचस्प बात यह है कि

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कार्ल मार्क्स: समाज, संघर्ष और बदलाव का दर्शन

कार्ल मार्क्स आधुनिक सामाजिक और राजनीतिक सोच के सबसे प्रभावशाली विचारकों में से एक हैं।उनकी फिलॉसफी ने सिर्फ किताबों को

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आर्थर शोपेनहावर: दुख, इच्छा और मुक्ति — जीवन को समझने का कठोर सच

आर्थर शोपेनहावर (Arthur Schopenhauer) पश्चिमी दर्शन के सबसे ईमानदार, कठोर और गहरे विचारकों में से एक माने जाते हैं।उनकी फिलॉसफी

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स्पिनोज़ा, ह्यूम और देकार्त: तीन रास्ते, एक खोज — सत्य की तलाश

दर्शन की दुनिया में स्पिनोज़ा, ह्यूम और देकार्त तीन ऐसे नाम हैं जिन्होंने “सच को समझने” और “मनुष्य कैसे सोचता

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तार्किक भ्रांतियाँ: बहस जीतने की चाल, सच्चाई हारने का खेल

हम रोज़ बहस करते हैं — परिवार में, दफ्तर में, सोशल मीडिया पर, न्यूज चैनलों पर।और अक्सर हमें लगता है

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नीत्शे और कामू: दो दार्शनिक, एक ही लड़ाई — जीवन के अर्थ की तलाश

हम सब अपने जीवन में कभी-न-कभी दो सवालों से टकराते हैं:“मेरी ज़िंदगी का मतलब क्या है?”और“क्या दुख इतनी ज़्यादा है

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क्या आग में भी परमाणु होते हैं? पूरी वैज्ञानिक सचाई एक आसान भाषा में

जब हम दीवार, धातु या लकड़ी को देखते हैं, तो समझना आसान है कि ये पदार्थ परमाणुओं (Atoms) से बने

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पाप-पुण्य, जाति-धर्म, स्वर्ग-नर्क: वास्तविकता है या कल्पना?

आजकल सोशल मीडिया पर एक सवाल बार-बार घूमता रहता है – “पाप-पुण्य, जाति, धर्म, स्वर्ग, नरक ये सब सच हैं

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श्रद्धा, अंधश्रद्धा और अंधविश्वास – तीनों में अंतर समझिए

हम रोज़ाना ये तीन शब्द सुनते हैं – श्रद्धा, अंधश्रद्धा, अंधविश्वास – और ज्यादातर लोग इन्हें एक ही मान लेते

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