पाप-पुण्य, जाति-धर्म, स्वर्ग-नर्क: वास्तविकता है या कल्पना?
आजकल सोशल मीडिया पर एक सवाल बार-बार घूमता रहता है – “पाप-पुण्य, जाति, धर्म, स्वर्ग, नरक ये सब सच हैं […]
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आजकल सोशल मीडिया पर एक सवाल बार-बार घूमता रहता है – “पाप-पुण्य, जाति, धर्म, स्वर्ग, नरक ये सब सच हैं […]
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हम रोज़ाना ये तीन शब्द सुनते हैं – श्रद्धा, अंधश्रद्धा, अंधविश्वास – और ज्यादातर लोग इन्हें एक ही मान लेते
श्रद्धा, अंधश्रद्धा और अंधविश्वास – तीनों में अंतर समझिए Read Post »
1. ब्रह्मांड अरबों वर्ष पुराना है। क्या यह संभव है कि मानव इतिहास के बहुत बाद में ही धर्म और
ईश्वर से पूछे जाने वाले 25 सबसे कठिन सवाल Read Post »
यह लेख किसी धर्म या आस्थावान व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं लिखा गया है। यह केवल
एक तार्किक दृष्टिकोण से ईश्वर और धर्म पर कुछ गहरे, लेकिन विनम्र प्रश्न Read Post »
ये प्रश्न किसी धर्म या आस्था को गलत साबित करने के लिए नहीं हैं। ये वे सवाल हैं जो बचपन
परिचय भारतीय दर्शन की विशाल परंपरा में जहाँ अधिकांश मत आत्मा, ईश्वर, कर्म व मोक्ष की चर्चा करते हैं, वहीं
जीवन से संघर्ष नहीं — सामंजस्य ही असली बुद्धि है हम आधुनिक जीवन में लगातार लड़ते हैं —समय से, लोगों
ताओवाद (Taoism): बहाव के साथ जीने की कला Read Post »
दुनिया में दो तरह की समस्याएँ हैं —एक वे जो हम पर हावी होती हैं,और दूसरी वे जिन पर हम
Existentialism और Stoicism — जीवन को समझने के दो शक्तिशाली मार्ग Read Post »
क्या जीवन का कोई असली अर्थ है?या हम अर्थ खोजने की कोशिश करके खुद को धोखा दे रहे हैं? इन
Absurdism और Sisyphus की कहानी — अर्थहीनता के बावजूद जीवन को गले लगाना Read Post »
मनुष्य हमेशा से अर्थ, उद्देश्य, सत्य और अस्तित्व जैसे प्रश्नों में उलझा रहा है।हम क्यों पैदा होते हैं? हम किस
Nihilism और Absurdism — क्या जीवन वास्तव में अर्थहीन है? Read Post »