Cosmic Self-Awareness Hypothesis
क्या यह संभव है कि ब्रह्मांड (Universe) स्वयं को मनुष्य के दिमाग/चेतना के माध्यम से पहचान रहा हो? इस विचार […]
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क्या यह संभव है कि ब्रह्मांड (Universe) स्वयं को मनुष्य के दिमाग/चेतना के माध्यम से पहचान रहा हो? इस विचार […]
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✅ 1. क्या प्रकृति में “Justice” होता है? नहीं — प्रकृति में Justice जैसा कोई नैतिक नियम नहीं होता।प्रकृति में
Justice प्रकृति का नियम नहीं — इंसानों का आविष्कार है Read Post »
1. Subconscious Brain (अवचेतन मस्तिष्क) हमारी पाँचों इंद्रियाँ बहुत-सी जानकारी लेती हैं, पर हम सबको सचेत रूप से नहीं देखते।दिमाग
क्या छठी इंद्रिय सच में होती है? विज्ञान का जवाब Read Post »
दुनिया की सभ्यताओं में ज्ञान की कई परंपराएँ मिली हैं, लेकिन पश्चिमी दर्शन में यदि कोई एक सबसे महत्त्वपूर्ण वंश
पश्चिमी दर्शन की स्वर्णिम गुरु-शिष्य परंपरा Read Post »
1. Thales (थेल्स) — सब कुछ “जल” से बना है थेल्स का मानना था: उन्होंने कहा: “Water is the principle
सुकरात से पहले के दार्शनिक और उनके सिद्धांत Read Post »
मनुष्य सदियों से सत्य की खोज में भटकता रहा है। कभी धर्मों के ग्रंथों में, कभी गुरुओं की शिक्षाओं में,
सत्य की तलाश: परंपरा का अनुकरण नहीं, निरंतर विद्रोह का साहस Read Post »
1️⃣ Free Will (स्वतंत्र इच्छा) क्या है? Free Will का मतलब: 👉 यानी:“मैं जैसा चाहूँ, वैसा कर सकता हूँ।” Free
Free Will vs Determinism Read Post »
These are two major branches of philosophy. Ontology (अस्तित्वमीमांसा / सत्ता-मीमांसा) Concern: What exists? What is reality?It studies being, existence,
Ontology vs. Epistemology Read Post »
🏃♂️ 1) Zeno’s Paradoxes (ज़ीनो के विरोधाभास) मुख्य विचार:गति (motion) असंभव है — ऐसा लगने वाला तर्क। 🔸 उदाहरण: “Achilles
Deep Contradictions Read Post »
🔥 1) सर्वशक्तिमान विरोधाभास (Omnipotence Paradox) “क्या ईश्वर इतना भारी पत्थर बना सकता है जिसे वह खुद उठा न सके?”