Unlocking Ideas Through Creative Exploration

नीत्शे और कामू: दो दार्शनिक, एक ही लड़ाई — जीवन के अर्थ की तलाश

हम सब अपने जीवन में कभी-न-कभी दो सवालों से टकराते हैं:“मेरी ज़िंदगी का मतलब क्या है?”और“क्या दुख इतनी ज़्यादा है […]

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क्या आग में भी परमाणु होते हैं? पूरी वैज्ञानिक सचाई एक आसान भाषा में

जब हम दीवार, धातु या लकड़ी को देखते हैं, तो समझना आसान है कि ये पदार्थ परमाणुओं (Atoms) से बने

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पाप-पुण्य, जाति-धर्म, स्वर्ग-नर्क: वास्तविकता है या कल्पना?

आजकल सोशल मीडिया पर एक सवाल बार-बार घूमता रहता है – “पाप-पुण्य, जाति, धर्म, स्वर्ग, नरक ये सब सच हैं

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श्रद्धा, अंधश्रद्धा और अंधविश्वास – तीनों में अंतर समझिए

हम रोज़ाना ये तीन शब्द सुनते हैं – श्रद्धा, अंधश्रद्धा, अंधविश्वास – और ज्यादातर लोग इन्हें एक ही मान लेते

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एंट्रॉपी और एन्थैल्पी: थर्मोडायनेमिक्स की दो धुरी – सरल भाषा में समझें

आज हम थर्मोडायनेमिक्स के दो सबसे महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन करने वाले कॉन्सेप्ट्स की बात करेंगे – एंट्रॉपी (Entropy)

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एक तार्किक दृष्टिकोण से ईश्वर और धर्म पर कुछ गहरे, लेकिन विनम्र प्रश्न

यह लेख किसी धर्म या आस्थावान व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं लिखा गया है। यह केवल

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ईश्वर, धर्म और जीवन पर कुछ शांतिपूर्ण, गहरे सवाल ~ जिन पर हर सोचने वाला व्यक्ति कभी न कभी रुकता है ~

ये प्रश्न किसी धर्म या आस्था को गलत साबित करने के लिए नहीं हैं। ये वे सवाल हैं जो बचपन

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चार्वाक / लोकायत दर्शन: भारत का प्राचीन भौतिकवादी एवं प्रत्यक्षवादी मत — जो आज भी तर्क और प्रमाण की महत्ता सिखाता है

परिचय भारतीय दर्शन की विशाल परंपरा में जहाँ अधिकांश मत आत्मा, ईश्वर, कर्म व मोक्ष की चर्चा करते हैं, वहीं

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