1. Thales (थेल्स) — सब कुछ “जल” से बना है
थेल्स का मानना था:
- सृष्टि का मूल तत्त्व जल है।
- हर चीज़ का आधार Water (जल) है—मानव शरीर भी।
- जीवन वहीं से शुरू होता है जहाँ पानी है।
उन्होंने कहा:
“Water is the principle of all things.”
इसलिए वे मानते थे कि मनुष्य का अस्तित्व भी पानी से उत्पन्न हुआ है।
2. Anaximander (एनाक्सीमैंडर) — Apeiron (असीम/अनंत तत्व)
थेल्स के शिष्य थे, लेकिन विचार अलग थे।
उन्होंने कहा:
- दुनिया किसी भौतिक तत्व (जल, वायु आदि) से नहीं बनी,
- बल्कि Apeiron (असीम, अनंत, अनिर्मित तत्व) से पैदा हुई है।
- मनुष्य भी इसी “अनंत ऊर्जा” से उत्पन्न हुआ।
वह कहते थे कि मनुष्य की उत्पत्ति मछली जैसे जीवों से हुई।
एक तरह से वे प्रथम evolutionary thinker थे।
3. Anaximenes (एनाक्सीमेनीज़) — सब कुछ “वायु” से बना है
उन्होंने कहा:
- सृष्टि और मनुष्य का मूल तत्व Air (वायु) है।
- “सांस” ही जीवन का आधार है।
- वायु के संकुचन और विस्तार से दुनिया बनी है।
मतलब मनुष्य भी वायु की गति और चेतना से बना है।
4. Heraclitus (हेराक्लाइटस) — मूल तत्व “अग्नि” है
उनका सिद्धांत था:
- ब्रह्मांड का मूल तत्व Fire (अग्नि) है।
- अग्नि परिवर्तन का प्रतीक है।
- मनुष्य का अस्तित्व भी चर परिवर्तन से बना है।
उनका प्रसिद्ध कथन:
“Everything flows.”
“आप एक ही नदी में दो बार प्रवेश नहीं कर सकते।”
मतलब मनुष्य निरंतर बदलता है।
5. Empedocles (एम्पेडोक्लीज़) — मानव 4 तत्वों से बना है
वे पहले दार्शनिक थे जिन्होंने कहा:
मनुष्य 4 मूलभूत तत्वों से बना है:
- जल
- वायु
- अग्नि
- पृथ्वी
आज की भारतीय पंचतत्व परंपरा जैसा विचार।
उन्होंने कहा कि इन तत्वों को दो शक्तियाँ नियंत्रित करती हैं:
- प्रेम
- द्वेष
ये दोनों मानव व्यवहार को प्रभावित करती हैं।
6. Pythagoras (पाइथागोरस) — मनुष्य “संख्या और आत्मा” से बना है
उनका मानना था:
- ब्रह्मांड का आधार “संख्या (Numbers)” है।
- मनुष्य का शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा शाश्वत है।
- आत्मा कई जन्मों में जाती है (Reincarnation)।
यह भारतीय दर्शन जैसा ही है।
7. Democritus (डेमोक्रिटस) — मनुष्य “परमाणु” से बना है
उन्होंने कहा:
- ब्रह्मांड और मनुष्य का मूल तत्व Atoms (परमाणु) हैं।
- शरीर और मन दोनों ही सूक्ष्म कणों का समूह हैं।
- मनुष्य का मन भी सूक्ष्म “आत्मिक परमाणुओं” से चलता है।
ये आधुनिक atomic theory का प्रारंभ था।
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